बच्चे को चुनने दें मनमाफिक कॅरियर

0
29

कानपुर : दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं खत्म हो चुकीं हैं, यूपी और आइसीएसई बोर्ड के नतीजे भी जारी हो चुके हैं। पहली बात तो ऐसे में अभिभावकों के लिए एक सलाह है कि वह अपने बच्चों के प्राप्ताक (मा‌र्क्स) को उनकी सफलता या असफलता का मापदंड न बनाएं । क्योंकि 3 घटे की कोई भी परीक्षा आपके बच्चे का जीवन-निर्धारण करने में असमर्थ हैं । यह मेरा मानना है।

जिन छात्र-छात्राओं के अंक कम आ रहे हों उनके अभिभावकों की जिम्मेदारी थोड़ी बढ़ जाती है,उन बच्चों को समाजिक-दबाव से बाहर निकालने के प्रति। अभिभावकों का दायित्व बनता है कि बच्चे का सही दिशा-निर्देशन करें और उन्हें क्या कहेंगे लोग की सोच से बाहर निकालकर उनका मनोबल बढ़ाने का प्रयत्‍‌न करें। अब बात आती है, कि बच्चा किस क्षेत्र में अपना करियर बनाए। इसके लिए सीधा फंडा है, जो विषय या क्षेत्र बच्चे को पसंद हो साथ ही जिसमें उसकी रुचि हो तो उसे उसका ही चयन करने देना चाहिए।

उदाहरण के लिए मौजूदा समय में विज्ञान वर्ग से पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राएं इंजीनिय¨रग की राह पर चलें तो बेहतर होगा। इसी तरह वाणिज्य वर्ग से पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं सीए, प्रबंधन आदि का क्षेत्र चुनें तो अच्छा होगा। इसके अलावा अगर विज्ञान वर्ग से पढ़ने के बावजूद गणित के बजाए जीव विज्ञान विषय से पढ़ाई की है तो चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर कॅरिअर बना सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here