7 दोस्‍तों को भांग से मिला आइडिया, रतन टाटा ने दांव पर लगा दिए 6.8 करोड़

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नई दिल्‍ली – भांग को भारत में नशे का सबसे प्रचलित, पारंपरिक और पुराना स्रोत माना जाता है। देश के ज्‍यादातर हिस्‍सों में भांग की कॉमर्शियल खेती बैन है। हालांकि, मुंबई का एक स्‍टार्टअप  ऐसा भी है जो भांग की खेती को फायदा का सौदा बनाने पर काम कर रहा है। मुंबई के 7 दोस्‍तों की ओर से शुरू की गई इस मेडिकल रिसर्च कंपनी का नाम ‘बॉम्‍बे हेम्‍प कंपनी’ यानी (BOHECO) है। इसका मकसद भांग के न सिर्फ मेडिकल बल्कि इंडस्ट्रियल यूज की शुरुआत करना है।

BOHECO भारत में भांग से जुड़ी इंडस्‍ट्री के लिए पूरा इकोसिस्‍टम डेवलप करना चाहती है। इसकी शुरुआत उन्‍होंने हैम्‍प फाइबर से की है। उनके इस यूनीक आइडिया पर टाटा सन्‍स के पूर्व चेयरमैन रत‍न टाटा भी पैसा लगा चुके हैं। आइए जानते हैं कि आखिर क्‍या है कंपनी का प्‍लान और भांग से इनकी क्‍या-क्‍या बनाने की यो‍जना है?

टाटा ने लगाए 6.8 करोड़ रुपए 

पिछले साल दिसंबर में रतन टाटा और गूगल इंडिया के MD राजन आनंदन जैसे लोगों के इन्‍वेटर्स ग्रुप ने BOHECO में एक मिलियन डॉलर यानी करीब 6.8 करोड़ रुपए का इन्‍वेस्‍टमेंट किया था। इसके बाद से यह स्‍टार्टअप सुखिर्यों में है। साल 2013 में शुरू हुई BOHECO भांग की सीड ब्रीडिंग, नैनोटेक्‍नोलॉजी, मैटेरियल साइंस, हेल्‍थ एंड न्‍यूट्रीशन, टेक्‍सटाइल, पोस्‍ट हार्वेट टेक्‍नीक के साथ ही भांग आधारित बिल्डिंग मैटेरियल बनाने को लेकर रिसर्च कर रही है।

फाइबर का बेहतरीन स्रोत है भांग 

आंत्रप्रेन्‍योर इंडिया ये बातचीत में  BOHECO के को-फाउंडर चिराग टेकचंदानी ने  बताया कि, जब उन लोगों ने रिसर्च की तो पाया कि हजारों सालों से भाग बेहद काम की चीज रही है। इसका इतिहास खंगाला गया तो पता चला कि भांग की फसल अपने फाइबर के लिए बेहद यूजफुल रही है। तनाव  सहन करने की खास खूबी और कम मेंटीनेंस के चलते इसमें कपड़ा इंडस्‍ट्री के लिए अपार संभावनाएं हैं। भारत टेक्‍सटाइल आधारित देश है। इसके चलते हमें भांग से जुड़े फाइबर और कोटेज से जुड़ी इंडस्‍ट्री को बड़े पैमाने पर शुरू करना चाहिए।

भांग के जरिए कई समस्‍याओं का समाधान करने की कोशिश 

चिराग कहते हैं कि उनके र्स्‍टाटप का मकदस सिर्फ भांग को कपड़ा उद्योग के लिए ही नहीं तैयार करना है। यह एक ऐसा पौधा है, बड़े पैमाने पर जिसकी खेती एक साथ हमारी कई समस्‍याओ का निदान कर सकती है। वास्‍तव में भांग एक पूर्ण फसल है। इसका यूज टेक्‍सटाइल, कंस्‍ट्रक्‍शन, एनर्जी, मेडिसिन और फूड इंस्‍ट्री के लिए एक साथ किया जा सकता है। हालांकि भारत में हमने भांग  को नशे का ही पर्याय मान लिया। इसलिए हमने भांग को अपने इकोसिस्‍ट में शामिल करने से पहले इसपर गहन रिसर्च करने की सोची।

 

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