खराब जीवनशैली के कारण हृदय रोग से पीड़ित हो रहे युवा

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मुरादाबाद – देश मे हार्ट अटैक के रोगियों की संख्या मे प्रतिदिन बहुत तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, चाहे वो शहर हो या गाँव, आज वृद्ध से लेकर युवा भी इस बीमारी से ग्रसित होते जा रहे है। आजकल युवा वर्ग में हृदय सम्बंधी रोग की संभावनाएं बढ़ती ही जा रही हैं और यह पुरुषों और महिलाओं दोनों के ही लिए जोखिम भरा विषय है। भारतीय युवा अपनी खराब जीवनशैली के कारण कोरोनरी आर्टरी के रोग से पीड़ित होते हुए देखे जा रहे है। यह बातें शनिवार को मैक्स हॉस्पिटल पटपड़गंज के हृदय रोगों के विशेषज्ञ डा. ऋत्विक राज भुयान ने मुरादाबाद में आयोजित एक हृदय रोग सम्बन्धी जागरूकता कैम्प के दौरान कही।

डॉ भुयान ने कहा कि दुनिया भर में सबसे ज्यादा मृत्यु हार्ट अटैक या हार्ट फेल होने की वजह से होती हैं। विश्व में लगभग 17  मिलियन लोगों की मृत्यु दिल की बीमारी से होती है। इसी तरह से भारत में 3 मिलियन लोगों की मृत्यु सीवीडी कार्डिओ वैस्कुलर डिसीसेस से होती हैं, जिसमे हार्ट अटैक और हार्ट स्ट्रोक भी शामिल होते हैं।

उन्होंने कहा कि कि अमूमन व्यस्त जीवनशैली के कारण युवा शारीरिक गतिविधियों पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते, जिसके चलते कार्डियोवैस्कुलर डिजीज टाइप 2 डायबिटीज और मोटापे जैसे रोगों का खतरा दुगना हो जाता है और यह उच्च रक्त चाप लिपिड लेवल्स में असंतुलन और घबराहट जैसे जोखिमों को भी बढ़ा देता है, जोकि सीधे दिल की बीमारी से जुड़े हुए होते हैं।

इस दौरान हृदय रोग से पीड़ित कई लोग यहाँ मौजूद रहे, जिन्होंने खुद के जीवन शैली में परामर्श लेकर परिवर्तन किया और नए जीवन की शुरुआत की है।

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